Saturday, August 1, 2026

भगवान राम के शिक्षा से जुड़ा हुआ है अयोध्या का विद्या कुंड✍️आचार्य डॉ राधेश्याम द्विवेदी

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या एक ऐसा शहर है जिसके कण कण में भगवान श्री राम बसते हैं . अयोध्या के हर महत्वपूर्ण मंदिर और प्राचीन इमारतों से कही न कही भगवान श्रीराम का संबंध रहा है, ऐसी ही एक प्राचीन जगह विद्या कुंड है. अयोध्या का विद्या कुंड मंदिर बेहद महत्वपूर्ण है. यह एक प्राचीन और पौराणिक स्थल है, जहाँ भगवान श्रीराम और उनके भाइयों ने गुरु वशिष्ठ के सान्निध्य में शिक्षा प्राप्त की थी. यह ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का प्रमुख केंद्र है.

पौराणिक मान्यता के अनुसार यह कहा जाता है की मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने अपने तीनों भाइयों के साथ गुरु वशिष्ठ से इस स्थान पर शिक्षा ग्रहण की थी. इसी कारण इस प्राचीन मंदिर में वर्ष के 12 महीने श्रद्धालुओं की भीड़ जमा रहती है . वहीं गुरु पूर्णिमा के मौके पर इस प्राचीन मंदिर में एक विशाल मेले का आयोजन भी किया जाता है. जिस में शामिल होने देश के कोने-कोने से भक्त श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं.

विद्या कुंड के पवित्र जल को पीने से मिलती है विद्या और वैभव 

अयोध्या के थाना राम जन्मभूमि से कुछ दूरी पर स्थित इस प्राचीन मंदिर का महत्व अद्भुत है. ऐसी पौराणिक मान्यता है कि इस स्थान पर स्थापित गुरु वशिष्ठ की प्रतिमा का दर्शन पूजन करने से व्यक्ति को ज्ञान और विद्या की प्राप्ति होती है. वहीं इस मंदिर परिसर में मौजूद पवित्र कुंड के जल से स्नान और आचमन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. जिसके चलते बड़ी संख्या में भक्त और श्रद्धालु इस प्राचीन मंदिर में दर्शन करने के साथ इस कुंड के जल को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं.

विद्या देवी मंदिर: -
कुंड परिसर के पास विद्या देवी (माता सरस्वती) का मंदिर स्थित है, जहाँ दर्शन और पूजन का विशेष महत्व माना गया है.

सुंदर मूर्तियां:-
 इस मंदिर परिसर में गुरु वशिष्ठ के आश्रम में शिक्षा लेते चारों भाइयों की मनोहारी संगमरमर की प्रतिमाएं सुशोभित होती हैं.

इसे इस विजुवल के माध्यम से और आसानी से देखा जा सकता है --

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