अयोध्या का श्यामा सदन (जिसे 'श्यामा सदन आश्रम' भी कहा जाता है) रामघाट क्षेत्र के कारसेवक पुरम में एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक विरक्त परंपरा का आश्रम/ मंदिर है । यह स्थान अपनी गहन साधना, संत परंपरा और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। त्याग तपस्या वैराग्य की नगरी अयोध्या में युग युगांतर से भजनानंदी संतो का बास रहा है और अपने त्याग तपस्या, भजन और सेवा के बल पर बड़े ही सरलता और माधुर्य स्वभाव से बड़े-बड़े ज्ञानियों को भी परास्त कर दिया।
महंत रामदास जी संस्थापक रहे
संत गोपाल दास जी महाराज के गुरु का नाम परम हंस शिरोमणि परम हंशाचार्य
महंत संत रामदास जी थे। उन्होंने
Q6W7+RR4 पर 'श्यामा सदन आश्रम’ कारसेवक पुरम, अयोध्या की स्थापना किया था। तब से वहां संत सेवा गौ सेवा और समाज सेवा का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।
तृतीय महंत गोपाल दास जी महाराज उमरिया बस्ती के मूल निवासी रहे
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के गुरु ब्रह्मर्षि वशिष्ठ की धरती वशिष्ठनगर बस्ती जनपद में राम जानकी मार्ग चिलमा बाजार के दक्षिण उमरिया गांव में देवरहा बाबा के रूप में एक महान सन्त का जन्म हुआ था। जो अयोध्या से जनकपुर जाने वाले ऐतिहासिक राम जानकी मार्ग के दक्षिण पूण्य सलिला सरयू नदी के तट पर स्थित है। इसके अलावा यह उर्वरक भूमि सिद्ध सन्त बाबा निहाल दास और श्यामा सदन अयोध्या के महन्त गोपाल दास और हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास जी जैसे मूर्धन्य विद्वान को भी जना है।
इन्हीं संतों की मणि माला में से श्यामा सदन मंदिर में एक तृतीय महंत गोपाल दास जी महाराज थे। उनका साकेत गमन 23 अप्रैल 2022 को हुआ था। बाबा गोपाल दास ने गौ दान किए थे और प्रभु श्री राम की जन्मस्थली में अपने नश्वर शरीर का परित्याग किया था। उन्होंने अयोध्या धाम न छोड़ने के अपने व्रत का पालन भी किया था। संत गोपाल दास योग के भी अच्छे ज्ञानी रहे। उन्होंने मंदिर का विकास कराया। सभी भक्तों शिष्यों का कल्याण किया। सभी को सही मार्ग प्रदान किया। वे अच्छे निर्मल छवि के रहे। मंदिर के विकास के साथ- साथ संत सेवा गौ सेवा मैं हमेशा लीन रहते थे। मंदिर में निरंतर अष्टयाम सेवा चलती रहती थी।
श्यामा सदन की विरक्त परंपरा के अनुसार संत गोपाल दास जी आजीवन मंदिर परिसर में ही रहकर साधना करते थे। संत गोपाल दास जी महाराज परमसंत थे। वे धार्मिक विद्वान रहे। कहीं कहीं उनके गुरु लाल जी महराज को कहा गया है।
महंत श्रीधर दास वर्तमान उत्तराधिकारी
श्यामा सदन मंदिर में एक तृतीय महंत गोपाल दास जी महाराज के साकेत गमन 23 अप्रैल 2022 के बाद उनके दो शिष्य
महन्थ गोरखानन्द दास और मंहत श्रीधर दास के मध्य मन्दिर के महंती का विवाद सहायक अभिलेख अधिकारी अयोध्या के न्यायालय और तदोपरांत अयोध्या के जिलाधिकारी न्यायालय में चला था।जिसमें वसीयत के आधार पर महंत श्रीधर दास सम्पत्ति के उत्तराधिकारी घोषित किए गए थे। उन्हीं के बताए हुए रास्ते पर वर्तमान महंत श्रीधर दास जी महाराज भी आश्रम में निरंतर सत्संग, कथा आयोजन, संत सेवा और गौ सेवा कर रहे है। वे भागवत कथा
और राम कथा भी करते हैं।उनका यू ट्यूब चैनल भी चलता है।
लेखक:
आचार्य डॉ. राधेश्याम द्विवेदी ,
पूर्व पुस्तकालय सूचनाधिकारी,
मकान नम्बर 2785, वार्ड नंबर 8
निकट : लिटिल फ्लावर स्कूल,आनन्द नगर,कटरा, बस्ती,PIN - 272001
मोबाइल नंबर +91 9412300183
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