Sunday, April 19, 2026

मंहगा विद्युत टैरिफ से जनता परेशान सार्वजनिक खपत पर सरकार लापरवाह✍️डॉ राधेश्याम द्विवेदी


दिन में सार्वजनिक स्ट्रीट लाइटों का जलना एक गंभीर समस्या है, जिससे बड़ी मात्रा में बिजली बर्बाद होती है और सरकारी धन की क्षति होती है। यह स्थिति अक्सर लापरवाही और खराब रखरखाव के कारण पैदा होती है। 

उत्तर प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में ऐसी खबरें आम हैं, जहाँ दिन में बिजली बर्बाद होने से आम जनता का ही पैसा बर्बाद होता है। एक ओर स्मार्ट मीटर के महंगे टैरिफ से आम जनता तरह तरह की समस्याओं से जूझ रही है वहीं सरकारी लापरवाही से प्रकान्तर से जनता ही पिसी जा रही है। अधिकारियों में न प्रवेक्षण की कोई मार्गदर्शन है और ना ही विद्युत कर्मचारियों में स्वेक्ष्या आत्मदृष्टि।

शहर गांव और नगर पंचायतों के करीब सभी रास्तों व पार्कों में स्ट्रीट लाइट लगी होती हैं। ताकि लोगों को रात के समय सड़क या पार्क में आनेजाने पर अंधेरे से परेशानी ना हो। लेकिन प्रशासन की लापरवाही से रोड लाइटें रात के अलावा दिनभर भी जलती रहती है। जहां एक ओर जनता बिजली कटौती व ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रही है। वहीं दूसरी ओर दिनभर रोड लाइट जलने से बिजली व्यर्थ खर्च हो रही है। ये बिजली बचे तो बिजली कटौती की समस्या से कुछ राहत मिल सकती है।

शहर के कई हिस्सों में दिन के समय भी नगर परिषद की स्ट्रीट लाइटें जलती रहती देखी जाती हैं, ना तो परिषद व ना ही जिला प्रशासन की इस ओर ध्यान दे पा रहा  है। खास बात तो यह है कि अधिकतर लाइटों के आन आफ करने के स्वीच तक नहीं है। इसके कारण आम आदमी चाह कर भी इन जलती हुई लाइटों को बंद नहीं कर पाता है। वहीं कई समाजसेवी संस्थाओं की ओर से अधिकारियों को इस बारे में सूचित भी किया जाता है, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा रहता है।

नगर पालिका और नगर पंचायत प्रशासन ऊर्जा बचत को लेकर लापरवाह बना हुआ है। अधिकतर सार्वजनिक स्थानों के आसपास स्थापित स्ट्रीट लाइट दिन में भी जलता रहता है। जिम्मेदारों की इस लापरवाही से सरकारी धन की जहां एक तरफ क्षति हो रही है, वहीं पर दूसरी तरफ आम जन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर स्ट्रीट लाइट हमेशा जलती रहती है, जबकि बिजली को दिन में बंद करने के लिए मेन स्विच लगाया गया है। इसके बावजूद नगर पंचायत और नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर स्ट्रीट लाइट दिन में भी जलती रहती है। नगर कौंसिल कर्मियों को इतना तो ध्यान देना ही चाहिए कि कब प्रकाश की जरूरत है और कब नहीं। दिन में स्ट्रीट लाइटों का बंद न होना नगर परिषद की लापरवाही को दर्शाता है।

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