Friday, April 3, 2026

त्रिदेवों का स्वर्गाश्रम मंदिर कौड़ीकोल बस्ती : ✍️आचार्य डॉ. राधेश्याम द्विवेदी

बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लॉक के कौड़ीकोल गांव में स्थित स्वर्गाश्रम मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का एक नवीन केंद्र के रूप में उभरा है। यह मंदिर भगवान शिव परिवार के साथ-साथ प्रभु श्रीराम परिवार और योगावतार भगवान श्रीकृष्ण परिवार की प्रतिमाओं और विग्रहों के लिए भी जाना जाता है, यहाँ एक साथ तीन देवों के पूरे परिवार के सुलभ दर्शन होते हैं।

यह मंदिर जिला मुख्यालय बस्ती से 16 किमी बस्ती फैजाबाद राजमार्ग पर कप्तानगंज से लगभग 7 किलोमीटर दूर पोखरा बाजार मार्ग पर दाहिनी ओर स्थित है। राज्य की राजधानी लखनऊ से यहां की दूरी लगभग 193 किमी है।

यहाँ तक पहुँचने के लिए रोडवेज बस से कप्तानगंज तक जाया जा सकता है, जिसके बाद निजी वाहन या टैक्सी का उपयोग करके वायरलेस चौराहा, कप्तान गंज थाना, मछोई नदी के बढ़या पुल और लहिलवारा होते हुए यहां जाया जा सकता है। नगर कप्तानगंज मार्ग से कठार जंगल रमवापुर होते हुए भी यहां पहुंचा जा सकता है।
प्रदेश और बस्ती मण्डल के कोने-कोने से भक्त यहाँ आकर मन्नतें मांगते हैं। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना स्वर्गाश्रम मंदिर में पूरी होती है। मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त कथा भागवत हवन, पूजन, जलाभिषेक , भंडारा और अन्य धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं।
इस मंदिर का निर्माण 26 वर्ष पूर्व वर्ष 2000 में शुरू हुआ था। कौड़ीकोल ग्राम निवासी रामसुधार सिंह को बीमारी के दौरान गांव के पूर्वी सिरे पर शिव मंदिर बनवाने की प्रेरणा मिली थी। उनकी इच्छा के अनुसार, उनके परिजनों ने जन सहयोग से मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया।
लगभग 12 वर्षों के भीतर यह मंदिर बनकर तैयार हो गया। प्रकांड विद्वानों के निर्देशन में यहाँ विशाल शिवलिंग की स्थापना की गई। मंदिर का ऊंचा गुंबद दूर से ही दिखाई देता है, जो इसकी भव्यता को दर्शाता है। मंदिर के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले अजय सिंह ने बताया कि यहाँ पर स्वयं शिव शंभू विराजमान हैं, जो भक्तों के हर कष्ट को हरते हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि मंदिर के निर्माण के बाद से न केवल गांव बल्कि पूरे क्षेत्र में कोई बड़ी आपदा नहीं आई है। दो बार बिजली गिरने की घटनाएँ हुईं, लेकिन मंदिर की कृपा से कोई नुकसान नहीं हुआ। महाशिवरात्रि , श्रावण मास और मलमास के दिनो में यहाँ हजारों की संख्या में भक्त दर्शन करने आते हैं और अपने अपने आराध्य की पूजा अर्चना तथा अन्य अनुष्ठान कराते रहते हैं। शिवरात्रि पर यहाँ विशाल मेला भी लगता है। पास ही में साप्ताहिक बाजार में शाक शब्जी और अन्य ग्रामीण गृहस्थी की बस्तुओं के लिए एक अच्छी खासी बाजार भी लगती है।