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Monday, September 19, 2022

मातृ शक्तियों का श्रद्धा सहित श्राद्ध और स्मरण

  
स्मृति शेष मां जी के आत्म तत्व की शांति और मुक्ति के लिए 
श्रावण कृष्ण प्रतिपदा सन 2017 को मां जी ने अपना पंच भौतिक शरीर त्याग कर परम् तत्व में विलीन हुई थी ।पितृ पक्ष में मातृ नवमी का श्राद्ध बेहद खास होता है। इस दिन परिवार के दिवंगत सभी महिलाओं माताओं के निमित्त श्राद्ध किया जाता है। इसलिए इस तिथि को मातृ नवमी के श्राद्ध के नाम से जानते हैं। मातृ नवमी के दिन उन दिवंगत माताओं, बहुओं व बेटियों का पिंडदान किया जाता है जिनकी मृत्यु सुहागिन स्त्री के रूप में हुई। मान्यता है कि इस दिन दिवंगत महिलाओं का श्राद्ध करने से इनकी आत्मा को शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ती है। यदि घर की महिला इस दिन पूजा पाठ या व्रत करती है तो उसे सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।🙏❤️🙏
आज अपने अयोध्या स्थित प्रवास आवास पर एक लघु भंडारे का आयोजन कर हम अपने कुल की मातृ शक्तियों को याद कर उस सर्व शक्तिमान उस अदृश्य परम आत्म तत्त्वों को शत शत बार नमन ,वंदन और अभिनन्दन करते हैं। 🙏❤️🙏