ब्लाक प्रमुख कप्तान गंज का चुनाव पहली बार जब 1965 में हुआ तो उस समय क्षेत्र के जनप्रिय नेता पंडित सूर्य दत्त त्रिपाठी (जन्म 1 जुलाई 1930 ) पहले प्रमुख निर्वाचित हुए जो 10 जनवरी 1976 तक अपनी हत्या पर्यन्त तक अपने तीन कार्यकाल में इस पद पर बने रहे।
अपने कार्यकाल में स्व. त्रिपाठी जी ने इन्दिरा गांधी के 1971 के बांग्लादेश के विजय से प्रभावित होकर 1972 में कप्तानगंज व्लाक मुख्यालय के सामने इन्दिरा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्याालय की स्थापना की थी।
शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय है। इंदिरा गांधी इंटर कॉलेज, कप्तानगंज की स्थापना कर उन्होंने ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर प्रदान किया। उनका मानना था कि शिक्षा ही समाज को सशक्त, आत्मनिर्भर और संस्कारवान बनाती है। इसी सोच के कारण आज भी यह संस्था उनके सपनों को साकार कर रही है।
स्वर्गीय श्री सूर्यदत्त त्रिपाठी जी जनसेवा, शिक्षा और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे। उन्होंने अपने जीवन को समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुँचाने के लिए समर्पित कर दिया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख के रूप में उनके कार्यकाल को निष्पक्षता, ईमानदारी और जनकल्याणकारी निर्णयों के लिए सदैव स्मरण किया जाता है। वे समस्याओं को धरातल पर समझकर समाधान करने वाले सच्चे जननेता थे।
इंदिरा इंटर कॉलेज, कप्तानगंज विद्यालय स्थित स्मृति स्थल पर श्रद्धा एवं सम्मान के साथ शांति पाठ एवं पुष्पार्चन कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर परिवारजनों, शिक्षकों, समाजसेवियों एवं शुभचिंतकों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके आदर्शों को स्मरण किया। स्वर्गीय सूर्यदत्त त्रिपाठी जी एक दूरदर्शी, कर्मठ एवं समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को आज भी क्षेत्रवासी कृतज्ञता के साथ याद करते हैं। इ
शांति पाठ के दौरान उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग, संस्कार और समाजसेवा के मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। उपस्थित जनों ने उनके व्यक्तित्व, सरल स्वभाव और समाज के प्रति उनके समर्पण पर प्रकाश डाला।
उनकी स्मृतियाँ सदैव हमें प्रेरणा देती रहेंगी और उनका दिखाया मार्ग आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बना रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं हमें उनके आदर्शों पर चलने की शक्ति दें।
उनका सादा जीवन, उच्च विचार, मिलन सार स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा समाज के लिए आदर्श है। उनकी 50 वीं पुण्यतिथि पर हम उन्हें शत्-शत् नमन करते हैं तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। उनका जीवन सदैव हमें सेवा, समर्पण और सद्भाव की प्रेरणा देता रहेगा।
No comments:
Post a Comment