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Friday, January 6, 2023

महान शिक्षाविद डा. हरिहर पाण्डेय को सादर श्रद्धांजलि डा. राधे श्याम द्विवेदी


बस्ती जिले के कप्तानगंज जो रतास नामक एक छोटा सा गांव है , कैप्टन स्तर के एक सैन्य अधिकारी द्वारा स्थापित सैनिक कार्यालय तथा बाजार 1861-62 तक स्थापित हो चुका था । 1865 में यहां तहसील तथा मुंसफी न्यायालय स्थापित हो चुके थे। 1857 की क्रांति को जब अंग्रजों से भलीभांति संभाला तब आगे की सुव्यवस्था के लिए बस्ती तहसील मुख्यालय को 1865 में जिला मुख्यालय घोषित कर दिया गया। फलतः 1876 में कप्तानगंज को तहसील व मुंसफी समाप्त करके हर्रैया में तहसील व मुंसफी बनाई गई । कप्तानगंज तहसील के भवन में वर्तमान थाना बना हुआ है। लगभग 15 सालों तक कप्तानगंज प्रशासन का एक महत्वपूर्ण  प्रशासनिक इकाई के रूप में बना रहा । 109 ग्राम सभाओं/पंचायतों तथा 11 न्याय पंचायतों को समलित करते हुए 2 अक्टूबर 1956 को कप्तानगंज विकास खण्ड का मुख्यालय घोषित किया गया । 1971 ई. में इस विकास खण्ड की जनसंख्या 84,501 रही। पंचायती राज व्यवस्था लागू होने के बाद कप्तानगंज विकासखंड 1956 में ही अस्तित्व में आ गया । वर्तमान में 10 ग्राम पंचायतों के 33 गांवो से 15 वार्डों के साथ यह नगर पंचायत के रूप में अस्तित्व में आया है।

जनप्रिय नेता पंडित सूर्य दत्त त्रिपाठी के कृपापात्र :-
ब्लाक प्रमुख कप्तान गंज का चुनाव पहली बार जब 1965 में हुआ तो उस समय क्षेत्र के जनप्रिय नेता पंडित सूर्य दत्त त्रिपाठी (जन्म 1 जुलाई 1930 ) पहले प्रमुख निर्वाचित हुए जो 10जनवरी 1976 तक अपनी हत्या पर्यन्त तक  अपने तीन कार्यकाल में इस पद पर बने रहे।
अपने कार्यकाल में स्व. त्रिपाठी जी ने इन्दिरा गांधी के 1971 के बांग्लादेश के विजय से प्रभावित होकर 1972 में कप्तानगंज व्लाक मुख्यालय के सामने इन्दिरा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्याालय की स्थापना की थी। इस विद्याालय के प्रथम प्रधानाचार्य का दायित्व स्व. त्रिपाठी जी ने उस समय के युवा विद्वान डा. हरिहर पाण्डेय को सौंपा था।
नगर बाजार क्षेत्र अठदमा के मूल निवासी:-
डा. पाण्डेय मूल रुप से नगर बाजार थाने के अठदमा के निवासी थे। स्व. त्रिपाठी के अभिन्न मित्र मरवटिया पाण्डेय निवासी स्व. सत्य नारायण पाण्डेय थे। जिनसे अंतरंगता रिश्ता होने के कारण डा. पाण्डेय स्व. त्रिपाठी के सानिध्य में आये और यह गुरुतर कार्य भार को संभालने का अवसर पाये हुए थे । लगभग 43 साल की सेवा के उपरान्त डा. पाण्डेय ने 30 जून 2015 को में श्री अशोक कुमार मिश्र को विद्यालय का प्रभार दिये थे। अपने अंतिम दिनों में वह अपने पैतृक गांव अठदमा में रह रहे थे। उन्होेने पिकौरा सानी गांव निकट महराजगंज में इंदिरा भवन नामक आवास भी बनवा लिया था। यह स्थान वर्तमान में पंडित दीन दयाल नगर वार्ड के अधीन आता है।अंतिम समय जब डा.पाण्डेय बीमार थें तो संजय गांधी पी जी आई लखनऊ में दाखिल हुए थे। लम्बी बीमारी के बाद उनका दिनांक 6 दिसम्बर 2020 को निधन हो गया। आज हम उन्हे उनके तृतीय पुण्य तिथि के अवसर पर सादर श्रद्धांजलि अर्पित कंरते हैं तथा उनके द्वारा दिखाए गए सरलता पूर्ण जीवन और उच्च वैचारिक आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित होते हैं।

इंदिरा चैरिटेबल सोसाइटी द्वारा निरंतर स्मरण:-
इंदिरा चैरिटेबल सोसाइटी डा स्वर्गीय पाण्डेय की स्मृति में हर साल उनके पुण्य तिथि पर विविध प्रकार का आयोजन करता आ रहा है। प्रथम तिथि पर श्रद्धांजलि सभा,द्वितीय पर मेडिकल कैंप का आयोजन सफलता पूर्वक किया गया। इंदिरा चैरिटेबल सोसाइटी के संस्थापक एवं इंदिरा गांधी इंटर कॉलेज कप्तानगंज के पूर्व प्रधानाचार्य रहे शिक्षाविद डा0 हरिहर प्रसाद पाण्डेय की तृतीय पुण्यतिथि के अवसर पर 6 जनवरी 2023 को 11 बजे से श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जा रही है जो कप्तानगंज के पिकौरा सानी स्थिति इंदिरा भवन से सम्पन्न होगा। इंदिरा चैरिटेबल सोसायटी की प्रबंधक श्रीमती ज्योति पाण्डेय का प्रयास स्तुत्य पूर्ण है।

         डा. हरिहर पाण्डेय को उनके तृतीय पुण्य तिथि पर याद किया गया। शिक्षाविद डा. हरिहर पाण्डेय के पुत्र एवं पूर्व निजी सचिव सांसद राज्यसभा में  अजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि उनके पिता जी ने जिस समय कप्तानगंज क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाया उसका विस्तार आज देखने को मिल रहा है। वे सदैव शिक्षा और पत्रकारिता को समर्पित रहे। उनका निधन एक प्रमुख स्तम्भ  के ढह जाने जैसा है किन्तु उनकी स्मृतियां सदैव बेहतर कार्य करने का साहस देती है। उन्होने अपने कर्तब्योें से समाज में एक आदर्श स्थापित किये, उनके संकल्पों को पूरना करने में निरन्तर प्रयास जारी है।
       बस्ती सदर के विधायक एवं समाजवादी पार्टी के निवर्तमान अध्यक्ष महेन्द्रनाथ यादव ने  डा. हरिहर पाण्डेय के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुये कहा कि उनके द्वारा दिखाए गए सरलता पूर्ण जीवन और उच्च वैचारिक आदर्शों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। इंदिरा चेरिटेबल सोसायटी की ओर से विधायक महेन्द्रनाथ यादव को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।